महाराजगंज से क्राइम रिपोर्टर सतीश मौर्या की रिपोर्ट :-
महराजगंज :- कोतवाली महराजगंज में तैनात एक उपनिरीक्षक को एंटी करप्शन टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी दरोगा दहेज उत्पीड़न के एक मामले में विवेचना के दौरान धाराएं कम करने के एवज में रिश्वत मांग रहा था। पीड़ित की शिकायत पर गोरखपुर की एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की।
गिरफ्तार दरोगा की पहचान मो. अशरफ खान के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गाजीपुर जिले का निवासी है। वह वर्ष 2019 में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था और वर्तमान में कोतवाली महराजगंज में तैनात था। बताया जा रहा है कि कोतवाली थाना क्षेत्र के पकड़ी खुर्द गांव निवासी सईदुल्लाह के खिलाफ उसकी पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना मो. अशरफ खान कर रहा था।
आरोप है कि विवेचना को कमजोर करने और मुकदमे की धाराएं कम करने के लिए दरोगा ने आरोपी पक्ष से 50 हजार रुपये की मांग की। काफी प्रयास के बाद भी जब दरोगा रिश्वत की रकम कम करने को तैयार नहीं हुआ, तो आरोपी ने इसकी शिकायत गोरखपुर एंटी करप्शन टीम से कर दी।
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। टीम प्रभारी शिवमनोहर यादव के नेतृत्व में टीम के सदस्य ग्राहक बनकर कोतवाली क्षेत्र स्थित पवन स्वीट्स की दुकान पर पहले से मौजूद रहे। दोपहर करीब 12:50 बजे दरोगा बाइक से दुकान पर पहुंचा और इशारा मिलने पर शिकायतकर्ता ने उसे 500 रुपये के नोटों की गड्डी थमा दी। जैसे ही दरोगा ने रुपये लिए, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। उसके पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद की गई।
टीम प्रभारी शिवमनोहर यादव ने बताया कि मामले से जुड़े सभी भौतिक, दस्तावेजी व तकनीकी साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। आरोपी दरोगा के खिलाफ थाना कोतवाली फरेन्दा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे गोरखपुर ले जाकर की पूछताछ की जाएगी।



