Shopping cart

GV News24 (Ghughli Vikas News) एक राष्ट्रीय राष्ट्रीय हिन्दी समाचार पत्र है। घुघली - महाराजगंज और आसपास की हर छोटी-बड़ी खबर, विकास, प्रशासन और जनहित से जुड़ी सटीक व भरोसेमंद जानकारी – सबसे पहले, सिर्फ GV News पर।

GV Latest News

  • Home
  • क्राइम
  • जब डॉक्टर की लापरवाही ने ली बेटे की जान पिता ने ‘शोक संदेश’ पर छपवा दिया डॉक्टर का नाम
क्राइम

जब डॉक्टर की लापरवाही ने ली बेटे की जान पिता ने ‘शोक संदेश’ पर छपवा दिया डॉक्टर का नाम

Email :138
ख़बर को शेयर करें

 

संपादक सुशील मद्धेशिया

गोरखपुर पीपीगंज :- एक पिता के लिए उसके जवान बेटे की अर्थी को कंधा देना दुनिया का सबसे भारी और दुखद काम होता है। लेकिन क्या हो जब बेटे की मौत किसी बीमारी से नहीं, बल्कि इलाज करने वाले डॉक्टर की घोर लापरवाही से हुई हो? गोरखपुर के पीपीगंज क्षेत्र से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया, जहां एक बेबस और आक्रोशित पिता ने अपने बेटे की 16वीं (ब्रह्मभोज/शोक संदेश) के कार्ड पर ही अस्पताल और डॉक्टर का नाम छपवा दिया, ताकि पूरी दुनिया जान सके कि उनके बेटे की जान कैसे गई।

क्या है पूरा मामला जानते है परिवार की जुबानी :- यह दर्दनाक घटना गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र स्थित आनंदलोक हॉस्पिटल की है। पीपीगंज के भगवानपुर (वार्ड नंबर 16) के रहने वाले 25 वर्षीय अभिषेक मद्धेशिया को पित्त की थैली में पथरी की शिकायत थी।

परिजनों ने अभिषेक को 31 मार्च 2026 को आनंदलोक हॉस्पिटल में भर्ती कराया। उसी रात करीब 8:30 बजे डॉक्टरों की टीम ने पथरी का ऑपरेशन किया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के तुरंत बाद अभिषेक की हालत बिगड़ने लगी और उसे लगातार ब्लीडिंग होने लगी। डॉक्टरों ने खून की कमी बताकर खून मंगवाया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। अंततः 1 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 5:30 बजे अभिषेक ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।

पोस्टमार्टम में हुआ चौंकाने वाला खुलासा :- मौत के बाद जब परिजनों ने हंगामा किया तो पुलिस ने हस्तक्षेप किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव का वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो सामने आया, उसने सभी के होश उड़ा दिए। खुलासा हुआ कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने तीन पीस गाज (Gauze) स्पंज (सर्जिकल पट्टी) अभिषेक के पेट में ही छोड़ दिए थे, जिसके कारण अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी जान चली गई।

शोक संदेश के कार्ड पर छपा दर्द और आक्रोश :- बेटे की मौत के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में था, लेकिन पिता सुरेश मद्धेशिया ने अपने दुख को न्याय की लड़ाई में बदल दिया। जब अभिषेक की 16वीं (ब्रह्मभोज) का समय आया, तो परिवार ने जो शोक संदेश छपवाया, वह सामान्य नहीं था।

इस कार्ड पर साफ-साफ शब्दों में अभिषेक की मौत का कारण और उसके लिए जिम्मेदार लोगों के नाम लिखे गए थे। कार्ड में स्पष्ट रूप से छपवाया गया :-

“दिनांक 1 अप्रैल 2026 को आनंदलोक हॉस्पिटल (गोरखपुर) में डॉ. आनंद अग्रवाल और उनकी टीम की घोर लापरवाही के कारण पथरी के ऑपरेशन के दौरान हमारे सुपुत्र अभिषेक मद्धेशिया का दुःखद निधन हो गया।”

यह शोक संदेश इंटरनेट और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हर कोई उस पिता के दर्द और उनके इस साहसिक कदम की चर्चा कर रहा है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई :- पिता सुरेश मद्धेशिया की तहरीर पर गोरखनाथ थाना पुलिस ने आनंदलोक हॉस्पिटल के संचालक डॉ. आनंद अग्रवाल, डॉ. दीक्षित, असिस्टेंट चंद्रप्रकाश और दो वार्ड बॉय के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पर सिर्फ कागज में असल मे तो कुछ हुआ ही नही न ही किशी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही हुई

लोगों का फूटा गुस्सा :- इस घटना के बाद से ही व्यापारियों और आम जनता में भारी आक्रोश है। अभिषेक को न्याय दिलाने के लिए पीपीगंज और सोनौली में व्यापारियों ने दुकानें बंद रखकर विरोध जताया और भारी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

शोक संदेश पर अस्पताल और डॉक्टर का नाम छपवाने का यह अनूठा कदम महज एक सूचना नहीं है, बल्कि यह एक पिता की चीख है जो न्याय व्यवस्था और भ्रष्ट चिकित्सा प्रणाली के खिलाफ गूंज रही है। यह कार्ड अब एक चेतावनी बन गया है, जो चीख-चीख कर कह रहा है कि जो अभिषेक के साथ हुआ, वह किसी और के बच्चे के साथ न हो।

img

Sushil Kumar Vaishy

मुख्य संवादाता

श्री सुशील कुमार वैश्य एक जमीनी सोच रखने वाले, निष्पक्ष और जनहित को समर्पित पत्रकार हैं। वे वर्तमान में GV News (Ghughuli Vikas News) के मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी विशेष पहचान सच्ची, निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग के लिए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

संबंधित ख़बर