
संपादक सुशील मद्धेशिया
सोनौली/गोरखपुर :- गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण एक होनहार युवक, अभिषेक मद्धेशिया की असमय मृत्यु ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। इस घटना के विरोध में और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर भारत-नेपाल के सोनौली बॉर्डर पर वैश्य समाज और स्थानीय व्यापारियों का जबरदस्त हुजूम उमड़ पड़ा।
पीपीगंज के निवासी अभिषेक मद्धेशिया बीते 1 अप्रैल को गोरखपुर स्थित ‘आनंद लोक हॉस्पिटल’ में पथरी का सामान्य ऑपरेशन कराने गए थे। परिजनों का आरोप है कि जो ऑपरेशन बेहद सामान्य माना जाता है, उसमें डॉक्टरों की घोर लापरवाही के कारण अभिषेक की ऑपरेशन टेबल पर ही मौत हो गई। एक हंसते-खेलते युवा की इस तरह अचानक मौत ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और डॉक्टरों की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस घटना से आहत और आक्रोशित व्यापारियों तथा वैश्य समाज के लोगों ने भारत-नेपाल बॉर्डर पर एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च भारत की सीमा से शुरू होकर श्री राम जानकी मंदिर चौराहे तक पहुंचा। चौराहे पर एक शोक सभा आयोजित की गई, जहाँ दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
हाथों में मोमबत्तियां लिए प्रदर्शनकारियों की आंखों में आंसू और दिल में सिस्टम के खिलाफ गहरा गुस्सा था।

अखिल भारतीय वैश्य अधिवेशन के जिला अध्यक्ष सुधाकर जायसवाल और साहू समाज के अध्यक्ष सोनू साहू ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया। शोक सभा में मौजूद विकास मिश्रा, रवि वर्मा, रवि मद्धेशिया, संजीव जायसवाल, मनोज मद्धेशिया और प्रेम जायसवाल शामिल रहे।
“अभिषेक की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि मेडिकल सिस्टम की विफलता है। डॉक्टरों की लापरवाही के विरुद्ध कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। हम सरकार से मांग करते हैं कि पीड़ित परिवार को तुरंत न्याय और उचित मुआवजा दिलाया जाए।”
कैंडल मार्च में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने जिला प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर जल्द ही कानूनी शिकंजा नहीं कसा गया, तो यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन आने वाले दिनों में एक उग्र और व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले सकती हैं।

श्री सुशील कुमार वैश्य एक जमीनी सोच रखने वाले, निष्पक्ष और जनहित को समर्पित पत्रकार हैं। वे वर्तमान में GV News (Ghughuli Vikas News) के मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी विशेष पहचान सच्ची, निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग के लिए है।
